Gulab Jain
Drama
देख कर यूँ मुझे जो तुम मुस्कुरा रहे हो
अपनी क़िस्मत पर यूँ जो इतरा रहे हो।
काश, मेरी तरह तुम्हारा भी कभी दिल टूटे,
तुम्हारे भी हँसी होठों से ये मुस्कराहट छूटे।
मुक़ाबला मुश्...
आँखों से बयां...
हसीन लम्हें.....
भर-भर के जाम ...
धड़कनें थमीं ...
दीपक और तूफ़ा...
कितने मजबूर य...
प्रेम के फूल....
स्वप्निल-सी भ...
निबाह ख़ारों स...
भगवान् था, शैतान था, हैवान था, ज़िंदा होकर भी...वो बेजान था। भगवान् था, शैतान था, हैवान था, ज़िंदा होकर भी...वो बेजान था।
कि चले जाओ वही जहाँ ये रूह-ए-एहसास, अब रहती नहीं। कि चले जाओ वही जहाँ ये रूह-ए-एहसास, अब रहती नहीं।
इसीलिए तो वह मेरी बेटी भी है और माँ भी। इसीलिए तो वह मेरी बेटी भी है और माँ भी।
लंका में अग्निकांड भी मैं था लंका में अग्निकांड भी मैं था
एक वृक्षात्मा...। एक वृक्षात्मा...।
माँ की कितनी बात सुनाऊँ, ममता की प्रतिमूर्ति ऐसी, देवी छोटी पड़ जाती है, धरती पे माँ कहलाती है। माँ की कितनी बात सुनाऊँ, ममता की प्रतिमूर्ति ऐसी, देवी छोटी पड़ जाती है, धरती प...
मेरे इतवारी चम्मच, अब रोज़ जूड़ा तुम ही बनाना ! मेरे इतवारी चम्मच, अब रोज़ जूड़ा तुम ही बनाना !
"मैं अक्सर जब लिखने बैठता हूँ,वह मेरे साथ बैठ जाया करती है.दीदी,मेरी छोटी बहन.मैं कुछ लिखता हूँ और व... "मैं अक्सर जब लिखने बैठता हूँ,वह मेरे साथ बैठ जाया करती है.दीदी,मेरी छोटी बहन.मै...
The unknown story of a vigilant worrier, worshiper of lord Shiva and the king of Lanka, RAVANA The unknown story of a vigilant worrier, worshiper of lord Shiva and the king of...
रोज़ सुबह इस मकान से बाहर क़दम रखने से पहले ही चौखट टोक देती है “कम से कम आज तो एक घर कमा के ही लौटना!... रोज़ सुबह इस मकान से बाहर क़दम रखने से पहले ही चौखट टोक देती है “कम से कम आज तो एक...
किसी को प्रेम लिप्त करा दे, और परलोक भिजवा देता पैसा। किसी को प्रेम लिप्त करा दे, और परलोक भिजवा देता पैसा।
अगर तुम्हारे मन में आये कभी कोई प्रश्न तो पूछना इस जहां के लोगों से. अगर तुम्हारे मन में आये कभी कोई प्रश्न तो पूछना इस जहां के लोगों से.
इस बार सबको अनदेखा कर उनका हाथ थामना जिनको बस अपनों की तलाश है इस बार सबको अनदेखा कर उनका हाथ थामना जिनको बस अपनों की तलाश है
ये कूड़ा जिसको कल भी मेरे नेता पैदा करते रहेंगे, और मैं टटोलूंगा कल भी इस कूड़े में अपनी किस्मत को । ये कूड़ा जिसको कल भी मेरे नेता पैदा करते रहेंगे, और मैं टटोलूंगा कल भी इस कूड़े ...
मैं पिरोती जाऊं मोती आस के ना जाने क्यूं धागा फिसल जाता है, मैं पिरोती जाऊं मोती आस के ना जाने क्यूं धागा फिसल जाता है,
मतदान का फिर क्या होगा? आपका एक वोट वहां कम न होगा ? मतदान का फिर क्या होगा? आपका एक वोट वहां कम न होगा ?
अम्मा क्या गई, कुछ दिनों के वास्ते अपनी अम्मा के घर ! अम्मा क्या गई, कुछ दिनों के वास्ते अपनी अम्मा के घर !
तुम मुझे बहुत याद आती हो माँ तब तुम मुझे बहुत याद आती हो...! तुम मुझे बहुत याद आती हो माँ तब तुम मुझे बहुत याद आती हो...!
दर्द दबाकर रखा है दफन सीने में और उन्हें कराह भी करना तक नहीं. दर्द दबाकर रखा है दफन सीने में और उन्हें कराह भी करना तक नहीं.
बड़ी भाती थी मुझे माँ और बच्चों की गतिविधियां जैसे मेरी जुड़ चुकी थी उनसे रिश्तेदारियां बड़ी भाती थी मुझे माँ और बच्चों की गतिविधियां जैसे मेरी जुड़ चुकी थी उनसे रिश्त...