STORYMIRROR

Gulab Jain

Drama

2  

Gulab Jain

Drama

टूटे दिल की सदा...

टूटे दिल की सदा...

1 min
147

देख कर यूँ मुझे जो तुम मुस्कुरा रहे हो

अपनी क़िस्मत पर यूँ जो इतरा रहे हो।


काश, मेरी तरह तुम्हारा भी कभी दिल टूटे,

तुम्हारे भी हँसी होठों से ये मुस्कराहट छूटे।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Drama