तरसी हुई धडकन
तरसी हुई धडकन
लगता है आपकी नजर
सनम के दिदार के लिये कभी तरसी नहीं
और तरस गयी जो कभी आँखें
धडकन कभी तरसी नहीं
तुम खामोश सी नजरों से
अटखेलिया करते रहे
और हम चुप्पी मे उल्झ गये
जो बयाँन ना हुए
तेरे दिल के सारे अल्फाज
बिना बोले ही समझ गये
तू जो कर दे एक इशारा
तन्हा राहे निखर जाये
मैं हो जाऊँ बस तेरा
मेरी जिंदगी सँवर जाये
बोल दो वो प्यार के सब
दसबर ए इश्क़ का
इतना भी इन्तेहा ना देखीये
इस हुस्न के नाचीझ का
प्यार कभी तो समझिये
इस हुस्न के नाचीझ का
प्यार कभी तो समझिये।

