STORYMIRROR

Sajida Akram

Abstract

4  

Sajida Akram

Abstract

"तोहफ़ा"

"तोहफ़ा"

1 min
23.5K

 रब ने ज़िन्दगी दी है, 

साथ में हमें रिश्तों की, 

डोर से बांधा है, हमें माँ "


रुपी अनमाेल तोहफ़ा दिया, 

साथ में शफ़क़त, प्यार करने, 

वाले बाबा "भी दिए, 

भाई-बहन का प्यारा सा, 

रिश्ता रुपी तोहफ़ा दिया।


रब ने ज़िन्दगी को हसीन, 

और ख़ुबसूरत बनाने के लिए, 

हमसफ़र"भी दिया उस रब


ने बेमिसाल अनमोल तोहफ़े दिए, 

उस रब" का शुक्र

अदा करते रहना चाहिए।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Abstract