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Manisha Wandhare

Abstract

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Manisha Wandhare

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तन्हाईसे यु लिपटे...

तन्हाईसे यु लिपटे...

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तन्हाई से यूं लिपटे की शाखें दिल की टूटी है ,

बेवजह ही सही आज हमारी फिर गाड़ी छूटी है ...

यूं नजरों को बिछाये रास्ते तेरी राह तकते ,

अरमानों को दिल में दबाये होंठों पर हँसी झूठी है...

नाराजगीयां इतनी बढ़ जायेगी की कम ना हो ,

आँखें तेरी नम ना हो इसलिये किस्मत मेरी फूटी है ...

यही हर लम्हा तेरी यादों के साये में बसर करते ,

जिंदगी का बहाना है जीने का यही दास्तान बटी है ...

खुश किस्मत होते है वो लोग जो प्यार नहीं करते ,

वरना प्यार में तो यही दुर्घटनायें हमेशा घटी है ...

सो जाऊँ मैं उसी ख्वाब के लिए जो ख्वाब था,

लेकिन खामोशियों से ही हाथ की लकीरें हटी है...



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