STORYMIRROR

Vimla Jain

Abstract

4  

Vimla Jain

Abstract

डिजिटल से प्यार

डिजिटल से प्यार

1 min
34

जी हां हम को भी हो गया है

इस डिजिटल से प्यार

दुनिया भले आभासी हो।

मगर फिर भी इस दुनिया में

हम घुमते रहते हैं।

नये नये दोस्तों से मिलते रहते हैं।

आपस में वीडियो कॉलिंग करते रहते है।

दुनिया जहां की बातें ढूंढते रहते हैं।

ज्यादा दिमाग ना चला कर डिजिटल दुनिया में सर्फिंग करते रहते हैं।

अपनी जिज्ञासा का उत्तर ढूंढते रहते हैं।

दुनिया जहां के समाचार घर बैठ कर पाते रहते हैं।

अभी राम मंदिर का सारा प्रोग्राम इस डिजिटल की दुनिया से ही देखना संभव हो सका।

26 जनवरी की अद्भुत परेड देखने का मजा डिजिटल की ही देन है।

आप सब लोगों से मिलना और

इतने प्यारे प्यारे दोस्त बनाना अपने विचार आदान-प्रदान करना इस डिजिटल दुनिया की ही देन है।

दुनिया जहां के समाचार देखना इस डिजिटल दुनिया की देन है।

हर क्षेत्र में नए-नए आविष्कार सबको लोगों तक पहुंचाना इस डिजिटल दुनिया की देन है।

इसीलिए मैं कहती हूं बहुल्यता में एकता जैसी है डिजिटल दुनिया और हमें इससे प्यार हो गया है।

जी हां हमें डिजिटल से प्यार हो गया है।



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract