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Lokanath Rath

Abstract Inspirational

3  

Lokanath Rath

Abstract Inspirational

तन्हाई.........

तन्हाई.........

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ये सच है तन्हाई साथ रहती है, 

अकसर खुद से बात भी करती है, 

क्या पाया क्या नहीं ये कभी बोलती नहीं है, 

ये तो कमबख़्त मन कुछ कराती है, 

कभी हम तन्हाई का सहारा लेते है, 

कभी अपने मन को भी कोसते है, 

पर जो हम कर सकते वो नहीं करते है, 


तन्हाई में तन्हा के साथ कुछ अच्छे पल नहीं बिताते हैं, 

कुछ सुन्दर गुजरा पल तो हमारे साथ है, 

सुबह से शाम तक कुछ तो अच्छा हुआ है, 

उसे याद करके रात की अँधेरे में कुछ उजाला करना है, 

ये तो हमें पता है फिर दिन में उजाला होता है, 

क्यूं न उस पल को रात से और सुन्दर सजाते है, 

वो तो हम है जो सब कुछ करते करवाते है, 

लेकिन कभी कभी दूसरों को कोसते है, 


ये सच है तन्हाई हमारे साथ है.... 



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