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Baniya Shayar

Classics

4  

Baniya Shayar

Classics

तंग था मैं

तंग था मैं

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हर खुशी से तंग था मैं

ज़िंदगी से तंग था मैं 


आप मुझको चाहते थे

आप ही से तंग था मैं 


आशिकी से तो है दुनिया

दोस्ती से तंग था मैं 


मैं नहीं कर पा रहा था

ख़ुदकुशी से तंग था मैं 


पहले वाली तंग मुझसे

दूसरी से तंग था मैं 


आदमी की ज़ात से था

आदमी से तंग था मैं 


मुस्कुरा कर तुमने देखा

बस तभी से तंग था मैं 


बॉस मुझसे तंग था और

नौकरी से तंग था मैं।


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