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Lokriti Gupta

Drama

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Lokriti Gupta

Drama

तकदीर में

तकदीर में

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बहुत तन्हा हूँ भीड़ में

लगता है कुछ खास लिखा है,


ऊपरवाले ने लकीर में

क्योंकि अक्सर सुना है मैंने।


जितनी ठोकरें भरी होती है

उतना ही सुख,

 लिखा होता है तकदीर में।


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