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Dr.Deepak Shrivastava

Classics

4  

Dr.Deepak Shrivastava

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तिरंगा

तिरंगा

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तिरंगा मेरी जान

तिरंगा मेरी शान

तिरंगा मेरी पहचान

तिरंगा लहराता

जब आसमान

सबको होता

अभिमान


एक सो पेंतीस करोड़

देशवासिओं

का मान सम्मान

हरा, सफ़ेद केसरिया

बीच मे चक्र

का निशान

बनाता तिरंगे

को महान

बनी रहे इसकी

शान जवान दे

देते बलिदान


आजादी की

पिचहतरवी वर्षगांठ

मना रहे हम

अमृत महोत्सस्व

लहराएं तिरंगा हर घर

करें इस पर अभिमान 

करते रहें हर वो काम

जिससे बड़े

देश का मान सम्मान

घर घर तिरंगा हर घर तिरंगा।


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