STORYMIRROR

Chandramohan Kisku

Abstract

3  

Chandramohan Kisku

Abstract

थोड़ी सी

थोड़ी सी

1 min
231

हिंसा की

इस काल में

युद्ध की

डरावनी समय में,


लम्बे और

और बेरंग जीवन में

तुमसे चाह रहा हूँ,


थोड़ी सी केवल थोड़ी सी

थोड़ी सी शांति

थोड़ी सी मिठास

और थोड़ा सा प्यार

इस जीवन के लिए।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract