तेरी मोहब्बत में
तेरी मोहब्बत में
तेरी मोहब्बत में हम जानम
खुद को भुलाये बैठे हैं
खुद का पता मुझको मालूम नहीं
फिर उनको बुलाये बैठे हैं
तेरी मोहब्बत...............
मुझको बता दे मेरी हद है क्या
पास बुला ले मेरी हद है क्या
अब अपना सब तेरे खातिर
खुद ही लुटाये बैठे हैं
तेरी मोहब्बत.......
मेरी वफ़ा क्या याद है तुझको
मेरी सदा क्या याद है तुझको
तुझको ही मैंने अपना कहा है
तुझको पूरी दुनिया बनाये बैठे हैं
तेरी मोहब्बत......
उनकी नजरों में कोई बात जरूर थी
जो कहने को हमसे कुछ मजबूर थी
दिल की बातें बिन कहे ही सुन लेते थे
आज भी उनको हम लेके बैठे हैं
तेरी मोहब्बत...............

