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Maittri mehrotra

Classics

4  

Maittri mehrotra

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तेरा दर लगे मुझको प्यारा

तेरा दर लगे मुझको प्यारा

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ऐ खुशी सुन,

तेरा दर लगे मुझको प्यारा।

रहूं सदा तेरे पास

मुड़कर न देखूं किसी ओर दोबारा।


खोल दूं तेरे द्वार सबके लिए

दीन, दुखी, लाचार, न हो जिनका कोई सहारा।

लौटा दूं तुझको सभी में

सारे जग को कर दूं, जग से न्यारा।


ऐ खुशी सुन

तेरा दर लगे मुझको प्यारा।


परिस्थितियों का कठिन दौर

जूझता, छटपटाता मानव उसमें बेचारा।

तू छुप गई है कहां?

मुरझाए चेहरों को दे दे अपना पिटारा।


बस जा बुझे दिलों में

उनके अंधेरों को दे दे अपना उजाला।

जा, दुआ है मेरी

तेरा बुलंद होकर चमके सितारा।

  

ऐ खुशी सुन

तेरा दर लगे मुझको प्यारा।


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