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Bhawna Kukreti Pandey

Tragedy

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Bhawna Kukreti Pandey

Tragedy

तैयारी

तैयारी

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बाथरूम में

नहाने की चौकी

अब ऊंचे स्टूल से

बदल गयी है।


बिस्तर के लिए

चिलमची भी

आर्डर हो गई है,


चेहरे तब जो

मायूस दिखते थे

वे अब समझदार

दिखते है।


बच्चे भी अब

धमा चौकड़ी

नहीं करते।


लगता है

मेरे बुढ़ापे का

आखिरी इश्तहार

पहुंच गया है।


"हाड़ का

पुतला तैयार

हो गया है।"


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