STORYMIRROR

Prerna Rastogi

Abstract

4  

Prerna Rastogi

Abstract

स्वतंत्रता का त्योहार

स्वतंत्रता का त्योहार

1 min
188

सर्वप्रथम सभी को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं

             

आओ हम सब मिलकर गाए 

ढोल बजाए खुशी मनाएं

सबका मुंह मीठा करवाएं

नाच नाच के सबको बताएं

दिन यह सुहाना हमें है लगता

नाम है जिसका 15 अगस्त

इस दिल मैं फूली न समाई

घर से मैं तो मर मिट जाऊं

क्यूँकि पहचान है मेरी

और यही तो आन है मेरी

वीरों ने कुर्बानी देकर

हिंदुस्तान को किया स्वतंत्र

और गुलामी की जंजीरों

का कर दिया था सर्व अंत

अब देखो इस लाल किले पे

हम झंडा फहराते हैं

स्वर बुलंद और शीश उठाकर

राष्ट्र गान हम गाते हैं

देख के यह लहराता झंडा

धरा भी चौड़ा करती सीना

और गगन भी होता खुश

पशु-पक्षी भी नाचे गाए

नदी प्रकृति धूम मचाए

देशवासियों का यह नारा

झंडा ऊंचा रहे हमारा

इसमें है हम सबकी शान

हर बच्चे की यही है तान

मेरा प्यारा देश महान

रंग का अपना झंडा

हमको यह से सिखलाता है

अमन शांति के साथ रहे सब

एकता का पाठ पढ़ाता है

रहा जग में यह नारा

बच्चों ने भी यही पुकारा

हम सब हैं भारत के वासी

और यह भारतवर्ष हमारा



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract