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Goldi Mishra

Drama

4  

Goldi Mishra

Drama

सवाल

सवाल

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जवाब ना मिले,

हम सवालों में उलझे रह गए,

खामोश थी रातें ,

बादल और काले होते गए,

रिवायते इस मन की कोई तो समझे,

ना जाने क्यों आशियाने सूने हो गए,।।

राह खोई जिस मुसाफ़िर ने,

कुछ खोज रहा वो मुसाफ़िर इस भीड़ में,

चलते चलना पर ठहरना नहीं,

कोशिश जारी रखना और थकना नहीं,

शोर के बाग में ये मौन कैसा,

मिलन की बेला में वियोग कैसा,

कुछ तो है जिस तक अभी पहुंचना बाकी है,

इस आत्म में कोई सवाल अभी बाकी है,।।




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