स्वाधीनता भारत भाग्य,
स्वाधीनता भारत भाग्य,
स्वाधीनता-सुप्राण हमारा, भारत भाग्य-विधाता|
सभी वीर बलशाली मेरे, आजादी के दाता||
कुटिल चाल से अंग्रेजों ने ,खूब किए थे शासन|
रही आपसी फूट हमारी, मिला उन्हें सिंहासन||
डाला फूट किया था शासन, आपस में लड़वाए|
कुछ लोगों पद-पैसे खातिर, भारत-भेद बताए||
पराधीन बदले में पाए, नैन खुले तब सारे|
कसे-कमर आजाद नशे में, रण बाँकुरे हमारे||
करने लगे विरोध बहिष्कृत, विधि उनके ललकारे|
मार-काट भी चले बराबर, डरे सभी हत्यारे||
प्राण नहीं प्यारी आजादी, हर जन-मन में ठानी|
भारत हित में चूमे फाँसी ,बने देश के शानी||
कठिन युद्ध में मंगल पाण्डे, तात्या रानी झाँसी |
भगत राज सुखदेव हमारे, मरे चूमते फाँसी||
आजादी की अग्नि धधक से, जले कुछ गए मारे|
बचे शेष जो भगे यहाँ से, संध्या- शुबह -सकारे||
मिली हमें आजादी शुभकर, खुश हो खूब मनाते|
हर शहीद को याद करें हम, श्रद्धा सुमन चढ़ाते ||
अमर वीर हैं देश हमारे, भारत मांँ जयकारे|
खूब लगाते पर्व मनाते, खुश हो जन किलकारे||
