STORYMIRROR

Madhavi Sharma [Aparajita]

Abstract Inspirational

4  

Madhavi Sharma [Aparajita]

Abstract Inspirational

सूर्यास्त

सूर्यास्त

1 min
15

जो सूर्य आज अस्त हुआ है.. 

दरअसल वो अस्त नहीं होता है.. 

बस थोड़ा सा विश्राम ले रहा होता है..

दूसरे दिन दुगने जोश से उदय होने के लिए.. 

प्रकृति का संतुलन बनाए रखने के लिए..

वो ख़ुद को ख़ुद ही अस्त कर देता है..

चंद्रमा को भी अपनी कला दिखाने का.. 

वो उसे.. अवसर प्रदान कर रहा होता है..

जीवन में सबका अपना एक महत्व है..

सभी को चमकने का अवसर मिलना ही चाहिए.. 

दरअसल यही बात सूर्य हमें.. समझा रहा होता है..!!


जीवन में द्वंद्व है.. प्रतिद्वंद्व है.. 

लाभ हानि.. सुख-दुःख भी है..

इन सब के बीच संतुलन बनाए रखना.. 

हमारे लिए बेहद ज़रूरी है..!!


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract