STORYMIRROR

Lucky nimesh

Abstract

4  

Lucky nimesh

Abstract

तेरे दिल में

तेरे दिल में

1 min
379

तेरे दिल में मकान हो जाये,,,,,

मेरा अब इम्तिहान हो जाये।

आने जाने की बात मत करना,,,, 

दिल को फिर ना मलाल हो जाये।

ऐसे देखोगे जो पलट के तुम,,,,

फिर से कोई सवाल हो जाये।

देखलो आके मेरी हालत को,,,,,,

तेरी तबियत बहाल हो जाये।

रख दे शानो पे हाथ मेरे तू,,,,,

मेरे हक़ मे जहान हो जाये।



Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Abstract