ज़िन्दगी बदहवास
ज़िन्दगी बदहवास
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ज़िन्दगी बदहवास चलती है
और रुक रुक के साँस चलती है
सबको मालूम है नहीं बचना
फिर भी जीने की आस चलती है
घुल गया ज़हर आज फिर इसमें
जो हवा आसपास चलती है
हर तरफ डर है हर तरफ मातम
अब खुशी भी उदास चलती है
सब जगह हर गली मुहल्ले में
साथ लाशों की बास चलती है
