सूनी बगिया
सूनी बगिया
ऐ मेरे दिल तू सम्भल शिकवा न कर बार बार,
जाने वाला चला गया छोड़ तुझे मझधार....!
वो दिन भी क्या खूब थे बरसी थी प्रेम फुहार,
फूलों के गजरे गूंथ के करता था उसका सिंगार ,
मुरझाए फूलों के गजरे करते रहे इंतजार......!
ऐ मेरे दिल तू सम्भल ....!
उसकी हथेली पे मेंहदी से लिख दिया अपना नाम,
तब आ गई उसके होठों पे शर्मीली मुस्कान ,
रंग उतर गया मेंहदी का फीका हुआ संसार......!
ऐ मेरे दिल तू सम्भल ......!
पायलिया झनका कर उसने गाया था गीत मल्हार,
थिरक उठा पागल मनवा चारो तरफ थी बाहर,
बिखर गए पायल के घुंघरू टूट गया हर ताल.......!
हो ऐ मेरे दिल तू सम्भल शिकवा न कर बार बार,
जाने वाला चला गया छोड़ तुझे मझधार.......!
हो ऐ मेरे दिल तू सम्भल ...!
धुन: फिल्म: सारंगा
गीत: सारंगा तेरी याद में नैन हुए बेचैन
