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Dr Hoshiar Singh Yadav Writer

Classics

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Dr Hoshiar Singh Yadav Writer

Classics

सुनता जा

सुनता जा

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देश की सीमा पर जाता,

एक बात मेरी सुनता जा,

सुरक्षा करना तन मन से,

बस यादें दिल बुनता जा।


दुश्मन को सदा मार गिरा,

रण में नहीं पीठ दिखाना,

सीना चौड़ा करके देश को,

मातृभूमि को शीश नवाना।


हार जाये तो क्या वीरता,

बेशक रण में मर जाना,

पर घर पर जब आये तो,

नाम कमाकर ही आना।


अगर शहीद हो जाएगा,

युगों युगों तक रहे याद,

पर दुश्मन से टकराकर,

करना नहीं है फरियाद।


कंधों पर है भार देश का,

मन में सदा इठलाता जा,

बहादुर सिपाही आगे बढ़े,

जग उनके गीत गाता जा।


कभी याद हमें भी करना,

हम तुमको याद करते अब,

जाकर सीमा पर पहरा देना,

बस इतनी ही दुआएं हैं रब।।


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