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Rishabh Singh Suryavanshi

Fantasy

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Rishabh Singh Suryavanshi

Fantasy

सुकून

सुकून

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कभी कभी ज़िन्दगी की

एक ही ख्वाहिश रहती है

कि बस एक शांत संगीत हो,

हो हसीन सुबह या शाम और

और तालाब का किनारा हो,

हो ठंडी हवा का साथ

कोई हो या ना हो

बस वहां हम हो और

रहे सुकून भरा एकांत।


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