Rishabh Singh Suryavanshi
Fantasy
कभी कभी ज़िन्दगी की
एक ही ख्वाहिश रहती है
कि बस एक शांत संगीत हो,
हो हसीन सुबह या शाम और
और तालाब का किनारा हो,
हो ठंडी हवा का साथ
कोई हो या ना हो
बस वहां हम हो और
रहे सुकून भरा एकांत।
सुकून
अपनों की गद्द...
नज़रिया
कुछ समझ ना आए तो पानी उबाल के रखिए। कुछ समझ ना आए तो पानी उबाल के रखिए।
'कांपती पत्ती गुलाब की, यूँ अधरों को में रूप देता, फिर सिखा तुझे नाम अपना, तुझसे नया सा सुन लेता।' ए... 'कांपती पत्ती गुलाब की, यूँ अधरों को में रूप देता, फिर सिखा तुझे नाम अपना, तुझसे...
फिर हवाओं में कहीं गुम हो जाती वो फिर हवाओं में कहीं गुम हो जाती वो
हां यह सच है कि आज इजहार-ए- इश्क करते हैं तुमसे। हां यह सच है कि आज इजहार-ए- इश्क करते हैं तुमसे।
भावनाओं की डोर पर तर्क के खंजर से न वार करना भावनाओं की डोर पर तर्क के खंजर से न वार करना
आईं मिथिला की राजकुमारी वधू बनकर तुम्हारा अहोभाग्य था आईं मिथिला की राजकुमारी वधू बनकर तुम्हारा अहोभाग्य था
आओ दोनों यह सुख-दुःख का जाम पी लेते हैं जो बची है ज़िन्दगी चलो एक साथ जी लेते हैं ! आओ दोनों यह सुख-दुःख का जाम पी लेते हैं जो बची है ज़िन्दगी चलो एक साथ जी लेते है...
मोहब्बत नाम हटा देना इतिहास -भविष्य के ख्यालों से, मन के भावों से, जान प्यारी है तो मोहब्बत नाम हटा देना इतिहास -भविष्य के ख्यालों से, मन के भावों से, जान प्यार...
अनंत अंतर- आकाश में, काली घटा घिर आई, अनंत अंतर- आकाश में, काली घटा घिर आई,
जिस की आवाजें पल पल तुम्हें जगा देती, वह हमसफ़र यार तेरा सिर्फ मैं हूं जिस की आवाजें पल पल तुम्हें जगा देती, वह हमसफ़र यार तेरा सिर्फ मैं हूं
सोच सोच में भी अंतर होता है, कुछ अच्छे होते हैं और कुछ बुरे होते हैं। सोच सोच में भी अंतर होता है, कुछ अच्छे होते हैं और कुछ बुरे होते हैं।
कोरे कागज़ पर रंग बिरंगी स्याही से, दिल के अरमानों को उकेरा था! कोरे कागज़ पर रंग बिरंगी स्याही से, दिल के अरमानों को उकेरा था!
वात्सल्य उनकी आँखों का वर्णन से है दूर बहुत वात्सल्य उनकी आँखों का वर्णन से है दूर बहुत
किताबों से यकीनन जी 'हिया' अब भर गया होगा वो मुद्दत बाद लौटा है मिरा दर खटखटाने को। किताबों से यकीनन जी 'हिया' अब भर गया होगा वो मुद्दत बाद लौटा है मिरा दर खटखट...
सबके लिए खास-खास बनें यहां, बस तुम अपनी पहचान ले बंदे। सबके लिए खास-खास बनें यहां, बस तुम अपनी पहचान ले बंदे।
मृत्यु का आगमन, एक निश्चित सत्य, जीवन की चरम सीमा, अन्त की यह प्रेरणा। मृत्यु का आगमन, एक निश्चित सत्य, जीवन की चरम सीमा, अन्त की यह प्रेरणा।
इसलिए वह कुछ बोलता नहीं है सिर्फ देखता रहता है, मुस्कुराता रहता है। इसलिए वह कुछ बोलता नहीं है सिर्फ देखता रहता है, मुस्कुराता रहता है।
उन यादों को मन कभी ना भूल पाएगा ताउम्र यादों को जेहन में लेकर चलता जाएगा। उन यादों को मन कभी ना भूल पाएगा ताउम्र यादों को जेहन में लेकर चलता जाएगा।
क्यों खामोश बैठे हो वार करोगे क्या ? मेरे भरोसे को तार-तार करोगे क्या? क्यों खामोश बैठे हो वार करोगे क्या ? मेरे भरोसे को तार-तार करोगे क्या?
ब्रज भूमि तो पिया की मोरे लीला का स्थल था, सीखना जो सबको पाठ अमर था ब्रज भूमि तो पिया की मोरे लीला का स्थल था, सीखना जो सबको पाठ अमर था