Mohd Anwar Jamal Faiz
Inspirational
आडंबर में रची है दुनिया,
जिसको देखो उतनी रीत,
ईश मगर है किसका मीत,
स्वीकृत किसकी कितनी प्रीत ।
रोके सत्यशाला है तुमको,
झोंको ना ख़ुद को बलप्रीत,
ईश-मिलन जब मन निर्मल -
यही सत्य की प्रणय-पुनीत !
ये ज़वाल क्...
परम् सत्य निर...
सोज़ के सवाल
नव-ज्ञान
वो
सत्यशाला
सत्य की प्रणय...
ये कविता पिता और परिवार के रिश्तों का आयना है । ये कविता पिता और परिवार के रिश्तों का आयना है ।
रोग वाली बदलियाँ छट जाएंगी बस योग कर तितलियां उत्साह की मंडराएंगी बस योग कर. रोग वाली बदलियाँ छट जाएंगी बस योग कर तितलियां उत्साह की मंडराएंगी बस योग कर.
चेहरा क्यों लटका रखा है किसी ने धोखा दिया क्या? चेहरा क्यों लटका रखा है किसी ने धोखा दिया क्या?
अमर रहेगी गोरा बादल की कहानी बोल रही मिट्टी राजस्थानी अमर रहेगी गोरा बादल की कहानी बोल रही मिट्टी राजस्थानी
भले वीर की देह पूरी हुई लहूलुहान है हे वीर तुम्हारी वीरता को मेरा हृदय से प्रणाम है। भले वीर की देह पूरी हुई लहूलुहान है हे वीर तुम्हारी वीरता को मेरा हृदय से प्र...
ताज के आम हीरो ' (Based on the events of 26/11) ताज के आम हीरो ' (Based on the events of 26/11)
यह युद्ध किसी समस्या का अंत नहीं होता मानवता यही पुकारती है. यह युद्ध किसी समस्या का अंत नहीं होता मानवता यही पुकारती है.
उसकी फ़ितरत इंसानों से अलग है, वो आख़िरी साँस तक साथ निभाऐगी।हाँ सच ही तो, याद ही तो मेरी जागीर है।.... उसकी फ़ितरत इंसानों से अलग है, वो आख़िरी साँस तक साथ निभाऐगी।हाँ सच ही तो, याद ह...
सुर्ख जहाँ केवल रक्त नहीं,भूमि भी जहाँ की लाल हुई थी। सुर्ख जहाँ केवल रक्त नहीं,भूमि भी जहाँ की लाल हुई थी।
रोम रोम को झंकृत कर देने की शक्ति समाहित किये हुऐ आपके प्रिय कवि विद्रोही का श्रृंगार और करुण रस का ... रोम रोम को झंकृत कर देने की शक्ति समाहित किये हुऐ आपके प्रिय कवि विद्रोही का श्र...
हौसलों की उड़ान में, इरादों को मकसद बनाकर तो देखो; प्रगति पथ पर तुम, हिम्मत से कदम उठाकर तो देखो... हौसलों की उड़ान में, इरादों को मकसद बनाकर तो देखो; प्रगति पथ पर तुम, हिम्मत से क...
, आज़ाद सही मायनों में और फिर से मनाययेगें उत्सव स्वतंत्रता का। , आज़ाद सही मायनों में और फिर से मनाययेगें उत्सव स्वतंत्रता का।
मैं भी खुद से विमुख खुद की जड़ें ढूँढने लगती हूँ ...।। मैं भी खुद से विमुख खुद की जड़ें ढूँढने लगती हूँ ...।।
कहने को आज राखी से सजी थाली है पर वक़्त आजकल एहसासों से खाली है. कहने को आज राखी से सजी थाली है पर वक़्त आजकल एहसासों से खाली है.
सबसे सच्ची प्रीति लिखूंगा माँ पर कोई गीत लिखूंगा । सबसे सच्ची प्रीति लिखूंगा माँ पर कोई गीत लिखूंगा ।
हो भाग्यहीन तुम, नहीं जन्मीं कन्या तुमने, कन्यादान है महादान। हो भाग्यहीन तुम, नहीं जन्मीं कन्या तुमने, कन्यादान है महादान।
ये कविता उन सब लोगों को समर्पित है जो अपंग होते भी ज़िन्दगी से हार नहीं मानते, डटे रहते हैं, ज़िन्दगी... ये कविता उन सब लोगों को समर्पित है जो अपंग होते भी ज़िन्दगी से हार नहीं मानते, ड...
भक्ति में प्रभु रंग में रंग जाना प्यार है राम नाम से जिंदगी का सार पाना प्यार है। भक्ति में प्रभु रंग में रंग जाना प्यार है राम नाम से जिंदगी का सार पाना प्यार ...
माना मनुष्य है पृथ्वी पर ईश्वर की सर्वश्रेष्ठ रचना । माना मनुष्य है पृथ्वी पर ईश्वर की सर्वश्रेष्ठ रचना ।
छत की सरजमी भी बड़ी प्यारी है जनाब, दिखाती है नजरों को दिन में ख्वाब। छत की सरजमी भी बड़ी प्यारी है जनाब, दिखाती है नजरों को दिन में ख्वाब।