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Neha anahita Srivastava

Abstract Classics Others

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Neha anahita Srivastava

Abstract Classics Others

स्त्री में दिखते हैंं आदि सभ्यताओं के गहरे निशान

स्त्री में दिखते हैंं आदि सभ्यताओं के गहरे निशान

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"पुरातत्त्वविद् ढूंढते हैं हड़प्पा और मोहनजोदड़ो में प्राचीन सभ्यता के निशान, 
कैसे थे वह लोग और कैसी थी वह सभ्यता कैसे हो इसका ज्ञान,
किंतु इस गहन प्रश्न का उत्तर है आसान
एक स्त्री में दिखते है उन विलुप्त सभ्यताओं के गहरे निशान ,
फिर वह कांसे की नर्तकी सा हो आत्मविश्वास या मुस्कान,
या टेराकोटा की मातृ देवी की तरह हो जीवन का मान,
विशाल सा वह अन्नागार ,वह मिट्टी के बर्तन ,वह मनकों की माला सब लगते हैं अन्नपूर्णा स्त्री का छूटा सामान,
स्त्री की चंचल मुस्कान में लहराती जीवनदायिनी सिंधु का होता है भान,
परिलक्षित होती है सुनियोजित नगर व्यवस्था ,वह चौरस गलियाँ जब स्त्री करीने से रखती है हर सामान,
सदियाँ बीती , लुप्त हो गई वह सभ्यता,न रहा कोई राजा ,न कोई सुल्तान,
लेकिन आज भी स्त्री में दिखते हैंं उन आदि सभ्यताओं के गहरे निशान।"
 -नेहा "अनाहिता" श्रीवास्तव


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