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Shaba Rao

Romance

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Shaba Rao

Romance

सर्द हवा

सर्द हवा

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सर्द हवा का अलग ही मिजाज है,

 अमीर गरीब सभी पर समान अधिकार है,

 इस बार सर्दी का कुछ नया ही अवतार है,

 धुंध में भी महकते फूलों की बहार है।


 सर्द हवा का अलग ही मिजाज है,

 प्यार में महकती जिंदगानी है,

 ख्वाबों में बहती नयी रवानगी है,

 दिलों को रोमांचित करती यह ठंड की आबादी है।।


 सर्द हवा का अलग ही मिजाज है,

 पंक्ति बनाने की एक नई बेचैनी है,

अल्फाजों में होती लड़ाई को थामना है,

 इस सर्दी में मोहब्बत भरी पंक्ति जो बनानी है।।


 सर्द हवा का अलग ही मिजाज है,

 खुदा की बनाई मासूमियत है,

 ठंड भरी हवा को महसूस करना है,

 अपनी चिट्ठी में मोहब्बत अल्फाज लिखना है।।


 सर्द हवा का अलग ही मिजाज है,

 ख्वाहिशों की माला को पूरा करना है,

 सर्दी और आग में संतुलन बनाना है,

और इस जिंदगी को खुशी-खुशी बिताना है।


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