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Pratibha Jain

Romance

3  

Pratibha Jain

Romance

सपने

सपने

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सूखे पेड़ पर बैठ

कुछ सपनों में खो गई


कौन हूं मैं आपके लिये

मेरे दिल का हाल पूछा नहीं ?


अपने दिल का हाल बताया नहीं,

क्या रिश्ता है तेरा मेरा

काश, मैं परी होती


करती कुछ जादू तेरे दिल पर,

तुझें अपना बना कर तेरे साथ रहते ?


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