सफलता का श्रेय
सफलता का श्रेय
मुझे कुछ अच्छा करना है,
जीवन में कुछ बनना है।
फरेबी रिश्तों के फेर में,
आत्मग्लानि में नहीं पड़ना है।
दृण संकल्पित विश्वास सहित,
उचित दिशा में बढ़ना है।
पिता परिवार कुल द्वार का,
न हो नाम रोशन फ़िक्र नहीं,
माँ को बदनामी का घाव नहीं देना है।
बरसों की प्रथा अगर संतान सफल तो
श्रेय पिता और परिवार को जाता है।
उसी संतान की नाकामी का ठीकरा,
हर खामी सिर्फ माँ के खेमे में आता है।
भविष्य की संतानों कर लो प्रण,
जीवन की सफलता का श्रेय
भले पिता के हिस्से में आये,
मेरी नाकामी माँ के नाम न होना है।
