सफलता का मूल मंत्र "आत्मविश्वास"
सफलता का मूल मंत्र "आत्मविश्वास"
सफलता का मूल मंत्र है "आत्मविश्वास ",
मिलती है जिससे सबको, जीवन जीने की इक आस ।
मंजिल हो जाती सबकी आसान ,
जीवनपथ पर आने वाली, हर बाधा का हो जाता नाश ।
ऊंचा मुकाम पाने की खातिर,
परिश्रम तो करना ही पड़ता है ।
यूँ हासिल नहीं होती मन्ज़िलें ,
मेहनत की भट्ठी में जलना ही पड़ता है ।
आत्मविश्वास जिनकी सोच में झलकता है ,
उनका जीवन गुलाबों सा महकता है ।
हिम्मतवाला किसी के रोकने से कहाँ रुकता है ,
आसमान से टूट कर तारा , ज़मीन पर कहाँ गिरता है ।
सागर में ही गिरती हैं नदियां ,
खुद सागर नदियों में कहां गिरता है ।
लड़खड़ाए कदम कभी , हौसले फिर भी जिंदा हों,
इरादे देख कर मुश्किलें भी शर्मिंदा हों ।
ऐसा कौन है इस जहां में जिसमें कोई कमी नही ,
इस आसमान के पास भी खुद की ज़मीं नहीं ।
मन्ज़िलों की डगर बड़ी मुश्किल,
हासिल कहाँ किस्मत से मिलती हैं ।
तूफान भी रुख मोड़ दें अपना ,
कश्तियों की तासीरें जहां ज़िद्दी होती हैं ।
हौसला रख कर जब भी कदम बढ़ाओगे ,
ईश्वर वो ही लिखेगा जो कुछ आप चाहोगे ।
क्यों सोचें कि ज़िन्दगी में हर वक्त बुरा होगा ,
न हो सका कुछ हासिल पर तज़ुर्बा तो नया होगा ।
निडरता और साहस से जीना, जब तक हो तन में श्वास,
जीवन में सफलता का मूलमंत्र है आत्मविश्वास ।।
