सोच हमारी
सोच हमारी
सोच सोच कर जब सोचा जाए
यह सोच भी अनोखी चीज
जो सोच कर भी सोच ना पाए
होगी वो कैसी दहलीज
होते सोच के कई रंग
सोचने के भी कई ढंग
सोच ही बनाती जीवन बदरंग
सोच ही दिलाती अपनों का संग
सोच जो बदलो विचार बदलता
हौसलों से संसार बदलता
सोच से ही जिंदगी बदलती
नए रूप आकार में ढ़लती
सोच इंसान को छोटा बनाती
सोच ही है बड़ा बनाती
कभी किसी को स्वार्थी बनाती
और कभी किसी को परोपकारी
सोच ही जिंदगी में अहमियत लाती
इंसान को इंसान बनाती
नहीं किसी को ठेस पहूंचाती
दिल से दिल तक पहुंच जाती
सोच हमारी विश्वास भरी हो
दर्द के एहसास से भरी हो
जिसमें प्यार ही प्यार छिपा हो
किसी का एतबार छिपा हो
सोच हमारी हो ऐसी
जो नई राह दिखाएं
हर किसी की जिंदगी में
जीने की चाहत जगाए
जब सोच हमारी बदलेगी
तो बदलेगा हमारा समाज
यह दुनिया भी बदल जाएगी
जब बदलेंगे रीति रिवाज
सोच ही से तो अपनी
जिंदगी का संसार है
ठान लो तो जीत है
मान लो तो हार है
देखती हूं जो हर किसी की
जिंदगी सोच में है पड़ी
होश में रहकर भी
बेहोश सी है पड़ी
विज्ञान में तो हम
पहुंच गए मंगल तक
पर अपनी कुछ सोच में
रह गए सिर्फ जंगल तक।
