Unlock solutions to your love life challenges, from choosing the right partner to navigating deception and loneliness, with the book "Lust Love & Liberation ". Click here to get your copy!
Unlock solutions to your love life challenges, from choosing the right partner to navigating deception and loneliness, with the book "Lust Love & Liberation ". Click here to get your copy!

Mukesh Modi

Abstract Inspirational

4  

Mukesh Modi

Abstract Inspirational

सन्तुष्टता का संस्कार

सन्तुष्टता का संस्कार

1 min
86


अनुभव करते सभी अपनी जिन्दगी में अभाव

इसीलिए पथरीला हो गया इंसान का स्वभाव


चाहतों का सिलसिला ना लेता रुकने का नाम

भौतिकता की दौड़ में बन गया हर कोई नादान


नैतिकता का मिट गया जीवन से नाम निशान

इसी महा संक्रमण से ग्रसित हो गया हर इंसान


अन्तर्मन की संवेदना बनी है सूखा एक तालाब

भावना भरे शब्दों से हर मन की खाली किताब


ओज नहीं चेहरे पर केवल लालच ही झलकता

अपने स्वार्थ के पीछे मानव कितने रंग बदलता


मातम छाया मन के अन्दर मुखड़े सबके उदास

अपूर्ण इच्छाओं के कारण दिखते सभी निराश


भौतिकता सुख ना देगी इसके पीछे मत जाओ

सच्ची शान्ति के लिए खुद को सन्तोषी बनाओ


जो कुछ तुम्हें मिला उसको सहर्ष करो स्वीकार

जीवन को सुखी बनाएगा सन्तुष्टता का संस्कार



Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Abstract