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Rahulkumar Chaudhary

Tragedy Action Inspirational

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Rahulkumar Chaudhary

Tragedy Action Inspirational

संतोष से जीना

संतोष से जीना

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जो “प्राप्त” है वो ही “पर्याप्त” है ।

इन दो शब्दों में सुख बेहिसाब हैं।।

जो इंसान “खुद” के लिये जीता है।

उसका एक दिन “मरण” होता है।

पर जो इंसान ”दूसरों” के लिये जीता है।

उसका हमेशा “स्मरण” होता है।

        "कोशिश"

आखिरी सांस तक करनी चाहिए,

   या तो "लक्ष्य" हासिल होगा

        या "अनुभव"

     "चीजें दोनों ही अच्छी है।"

     सबसे तेज वही चलता है।

      जो अकेला चलता है।

          लेकिन

     दूर तक वही जाता है जो

   सबको साथ लेकर चलता है।

"कोशिश करें कि जिंदगी का हर लम्हा

अपनी तरफ से हर किसी के साथ अच्छे से गुजरे

 क्योंकि, जिन्दगी नहीं रहती पर

अच्छी यादें हमेशा जिन्दा रहती हैं......

अच्छी यादों के साथ आपका दिन मंगलमय हो..!!


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