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PRATAP CHAUHAN

Abstract Inspirational Thriller

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PRATAP CHAUHAN

Abstract Inspirational Thriller

संसार

संसार

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जय श्री राधे

संसार के सार भी निराले हैं।

ये ईश्वर के तराने हैं ।।


कहीं धुत्त अंधेरे हैं।

 तो कहीं सुखद सवेरे हैं।।


अंधेरों से हिचकने वाले।

  उजालों से भी डरते हैं।।


उजालों के उजागर तो।

अंधेरों में भी चमकते हैं।।


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