STORYMIRROR

Pradip Hiwarkhede

Drama

1  

Pradip Hiwarkhede

Drama

संभल कर चल जख्म अभी ताजा है

संभल कर चल जख्म अभी ताजा है

1 min
86

संभल कर चल जख्म अभी ताजा हैं

कॊई आय था पहचान वाला 


दिल के रास्ते से अभी अभी गया है 

दर्द बाँटने वाला था लेकिन 

खुद का दर्द भी दे गया


संभल कर चल थोड़ा जख्म अभी ताजा हैं

मरहम लगाने कोई आयेगा नहीं 


तुने अपना खुद संभालना है।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Drama