Shital Yadav
Inspirational Others
उम्मीद का रौशन सूरज फिर निकलता है
जीवन में अंधकार हमेशा ही नहीं रहता है
स्वीकार करें जीवन में आया बदलाव नया
नदिया का नीर भी कहाँ एक-सा बहता है
मत घबरा बढ़ जाए गर तिमिर निराशा का
हर रात का सवेरा होता है समय कहता है
ख़्वाब
परिंदे
तुम हो
सुन प्यार का ...
ख़्वाबों के प...
दास्ताँ-ए-मोह...
मैं और मेरी क...
ज़िंदगी
क्यों अक्सर
समय
दौलत कमाने के खातिर चरित्र को धूमिल मत करना। दौलत कमाने के खातिर चरित्र को धूमिल मत करना।
सच कहने वाले यारों हिम्मत वाले होते हैं। सच कहने वाले यारों हिम्मत वाले होते हैं।
जो तुम ना मांँगो एक नादान लड़की से। 50 साल की उम्र जितनी समझदारी। जो तुम ना मांँगो एक नादान लड़की से। 50 साल की उम्र जितनी समझदारी।
सागरमाथा की गहराइयों में निहित निष्ठा और ढृढ़ता की ऊँचाइयाँ है। सागरमाथा की गहराइयों में निहित निष्ठा और ढृढ़ता की ऊँचाइयाँ है।
कोई इससे दूर रहे ना शिक्षा का स्वर्णिम देश बनाओ कोई इससे दूर रहे ना शिक्षा का स्वर्णिम देश बनाओ
नयन मेरे करे जो इशारा उसे समझे ना सजना हमारा! नयन मेरे करे जो इशारा उसे समझे ना सजना हमारा!
कृष्ण की दोस्ती तो, मीरा ने छोड़ सर्वस्व निभाया था । मित्र हेतु विष का प्याला। कृष्ण की दोस्ती तो, मीरा ने छोड़ सर्वस्व निभाया था । मित्र हेतु विष का प्याला...
परीक्षाओं का दौर है प्यारे, सीखता और सिखाता चल। परीक्षाओं का दौर है प्यारे, सीखता और सिखाता चल।
दूसरों पर न रह निर्भर अब तुझे आत्मनिर्भर बनना होगा। दूसरों पर न रह निर्भर अब तुझे आत्मनिर्भर बनना होगा।
जीवन की उपाहपोह में कहाँ ढुढूं मैं सुकूँ, जोग आहन तलक अल्लाह से लगा लेते हैं लोग। जीवन की उपाहपोह में कहाँ ढुढूं मैं सुकूँ, जोग आहन तलक अल्लाह से लगा लेते हैं ...
मेरे एहसासों की माला है वो कोई और नहीं बस मेरी मां है वो। मेरे एहसासों की माला है वो कोई और नहीं बस मेरी मां है वो।
ना जाने ये कैसा समय आया है, हर तरफ़ मौन छाया है। ना जाने ये कैसा समय आया है, हर तरफ़ मौन छाया है।
मिट्टी में एक दिन मिल जाना तो, हमारा तन भी तो मिल जाना तो। मिट्टी में एक दिन मिल जाना तो, हमारा तन भी तो मिल जाना तो।
बुराई करना करना सामने यारा पीठ पीछे तारीफ़ करना बुराई करना करना सामने यारा पीठ पीछे तारीफ़ करना
मेरे हिस्से के आसमान को सहेज लिया मैंने, आगे बढ़ाया हाथ बहुत कुछ तलाश लिया !! मेरे हिस्से के आसमान को सहेज लिया मैंने, आगे बढ़ाया हाथ बहुत कुछ तलाश लिया !!
ऐसी उत्कंठा ही क्यों मनोमस्तिष्क पर छायी रहती है ! ऐसी उत्कंठा ही क्यों मनोमस्तिष्क पर छायी रहती है !
जिंदगी की आपाधापी में हमने अपना बहुमूल्य खजाना खो दिया था। जिंदगी की आपाधापी में हमने अपना बहुमूल्य खजाना खो दिया था।
थामा जो हाथ नहीं छोड़ना बंधन यह प्यारा नहीं तोड़ना। थामा जो हाथ नहीं छोड़ना बंधन यह प्यारा नहीं तोड़ना।
ये जो छरहरी लड़की के लिए रोज़ दिन टाल रहे हो शादी के कुछ समय में फुटबाल हो जानी है। ये जो छरहरी लड़की के लिए रोज़ दिन टाल रहे हो शादी के कुछ समय में फुटबाल ...
तुझे सब हैं पता मेरी माँ! सीधी-साधी दयालु ममता पूरे विश्व की है तू माई। तुझे सब हैं पता मेरी माँ! सीधी-साधी दयालु ममता पूरे विश्व की है तू माई।