समय चक्र
समय चक्र
समय का चक्र निरंतर चलता जाता है ,
कभी दुख तो कभी सुख सामने आता है,
जो समय के आगे झुकता महान कहलाता है ,
समय उसके साथ जो समय का मूल्य समझता है ,
समय सबका बदलता चाहे राजा हो या फकीर है,
ईश्वर ने सबके हिस्से में लिखी भाग्य की लकीर है,
कहते हैं जो व्यर्थ के कामों में समय को गंवाता है,
समय की अनमोल कीमत को नहीं पहचान पाता है,
अगर समय का चक्र रुक जाए सब गतिहीन हो जाएगा,
फिर ना सुबह और ना शाम ना कोई आगे बढ़ पाएगा,
समय का पहिया ना रुकता है और ना रुकेगा कभी ,
इसको पकड़ पाना असंभव है यह ना झुकेगा कभी !
