STORYMIRROR

Mukesh Chand

Romance

2  

Mukesh Chand

Romance

सिलसिला

सिलसिला

1 min
34

बाग में फूल खिले हुए

हम तुुम दूर केे गिरे हुए


मिले थे बहुत 

अब बिछड़़ने केे बाद।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Romance