STORYMIRROR

Preeti Sharma "ASEEM"

Abstract

3  

Preeti Sharma "ASEEM"

Abstract

सीता की अग्नि परीक्षा कब तक

सीता की अग्नि परीक्षा कब तक

1 min
229

सीता की अग्नि परीक्षा कब तक

नारी के आत्मसम्मान पर,

उठते रहेगें प्रश्न जब तक

सीता की अग्नि परीक्षा तब तक।


जब तक तुम मूक रहकर,

सब सह जाओगी इज्जत पाओगी।

बस हां में हां मिलाओंगी

तब तक तुम देवी रूप पूजी जाओगी।


तुम्हारे विद्रोह का एक शब्द,

विचलित ना कर दे,

पुरुष अहम को जब तक

सीता की अग्नि परीक्षा तब तक।


नारी के आत्मसम्मान पर

उठेंगे प्रश्न जब तक।

खोखले आदर्शों की वेदी पर

सती होगी तुम तब तक।


आंखों में नमी पर होठों पर हंसी

लेकर हंसोगी जब तक।

अपने आत्मसम्मान के लिए

लड़ोगी जब तक।


सीता की अग्नि परीक्षा होगी

हर नारी रूप में तब तक।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Abstract