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RAJESH KUMAR

Action Fantasy Inspirational

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RAJESH KUMAR

Action Fantasy Inspirational

सीख अभी बाकी है

सीख अभी बाकी है

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सिखाने को कायनात 

सदा तैयार, क्या हम हैं

बात जरा सी थी, इसबार

मोबाइल आर्डर, नामी गिरामी

 ई -स्टोर से, ऑनलाइन हुवा


नया जमाना, नए बच्चे

अपनी सुनाते,मेरी सुनी नहीं

पैसा सेकंड मे हुवा, ट्रांसफर

कमाने में लगता, महीना भर।


सीख अभी बाकी है

आर्डर उमंग से हुवा

पेमेंट एडवांस हुवा

इंतज़ार, डिलीवरी का हुवा


उत्साह गर्म ठंडा हुवा!!

मोबाइल नापसंद हुवा

कम्पनी ने वादा किया

रिफंड का आश्वासन हुवा


कुछ दिन ,हफ्ते बीते

फिर महीने, साल बीते

हम भी बड़े होशियार??

मेल, ट्वीटर ,फेसबुक

सब का पूरा दुरुपयोग किया


पर क्या हुवा, सब हवा हुवा

महिला की प्यारी आवाज़

हम पैसा दे चुके श्रीमान

ना करें परेशान,,,


बैंक के चक्कर बेसुमार हुवे

वो हमसे परेशान हुवे

जिसने लिए , जैसे लिए

सम्पर्क बार-बार करें!

शायद,सीख अभी बाकी है,,


हमारी होशियारी,हवा हुई

पुलिस थाना, साइबर सेल

जब नाता दो चार हुवा, 

मना कभी हुवा नहीं

पर रिफंड भी,आया नहीं 


होशियारी ,दम्भ भरती रही 

इंटरनेट को छान मारा

जो मिला, टैग कर डाला

पीडीएफ ,स्क्रीन शॉट

आजमाए, खाली लौट आये


वकील साहब के पैतरे निराले

दिलवा देंगे, हिस्सा कुछ हमें देंगे

धीरे धीरे दो साल हुवे, परमानेंट

किस्से कहने को मेरे पास हुवे।


पीएम, सीएम,भवन उनको

को भी किये इलेक्ट्रॉनिक मेल 

कभी ना सोचा था,अब निडर हुवे

अपने ही तो हैं, सोच ने काम किया।


सब्र का फल कैसा होता है?

बस इंतज़ार है, अभी हाल बेहाल है

एडवांस देना ,बना जी का जंजाल है

आगे के लिए, हुवे खबरदार हैं

सीख गए, या रहें नए धोखे को तैयार।।


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