Amrita Singh
Drama
देखो श्याम खेले होली,
राधा के संग बरसाने मेें !
बरसाने मे मची है,
होली की धूम !
मोर नाचे पंख फैलाये,
कोयल कूके बोली !
गोप गोपीया नाचे,
देखो प्रेम की धुन में !
राधा रंगी है श्याम के रंग,
देखो श्याम खेले होली !
हलचल
तन्हाई
दशहरा
खुशियां
अधूरे से
तुम्हारी याद
बेटियां
किस्सा
बाल्यपन
बारिश का मौसम
फिर बिछड़ जाने का सोच कर आंसूओं से तर आँखें भीगती रही। फिर बिछड़ जाने का सोच कर आंसूओं से तर आँखें भीगती रही।
आईना जो निहारा, तुम याद आ गये, आईना जो निहारा, तुम याद आ गये,
मुक्ति दिलाई उन्होंने अंग्रेजों से हम मुक्त होकर दिखाए दुर्गुणों से। मुक्ति दिलाई उन्होंने अंग्रेजों से हम मुक्त होकर दिखाए दुर्गुणों से।
झपटकर पड़ती है दाँत गढ़ाती अपने अहम के और निशान छोड़ जाती है अमानवीयता के। झपटकर पड़ती है दाँत गढ़ाती अपने अहम के और निशान छोड़ जाती है अमानवीयता...
ऐसी ही मिशालें देते हुए हम यारों को, दुनियां में चार मिलते हैं। ऐसी ही मिशालें देते हुए हम यारों को, दुनियां में चार मिलते हैं।
जगत में होते कुकृत्य को देखती मानवता आँखें मीचे। जगत में होते कुकृत्य को देखती मानवता आँखें मीचे।
जहां रहने की तमन्ना हर मुसाफिर करता है वो हमदम मेरा हमसे इश्क़ करता है। जहां रहने की तमन्ना हर मुसाफिर करता है वो हमदम मेरा हमसे इश्क़ करता है।
अब तक समझ ना पाया कोई, इससे क्या रिश्ता हमारा है ? अब तक समझ ना पाया कोई, इससे क्या रिश्ता हमारा है ?
पन्द्रह अगस्त क्या है बताओ हाथ दिल पै रख हुजूर एक झूठी जीत का अहसास ही तो है। पन्द्रह अगस्त क्या है बताओ हाथ दिल पै रख हुजूर एक झूठी जीत का अहसास ही तो है।
सभी जाति धर्मों वाले हैं, सबका भारत एक है। ऐसा प्यारा देश है मेरा, प्यारा भारत देश ह सभी जाति धर्मों वाले हैं, सबका भारत एक है। ऐसा प्यारा देश है मेरा, प्या...
इसीलिए हर सबेरे आंखों से सुनकर कानों से देख़ती हूं मैं उन्हें। इसीलिए हर सबेरे आंखों से सुनकर कानों से देख़ती हूं मैं उन्हें।
सखी री मोहे, पीयू तड़पावे निर्मोही को ,हमरी ,याद न आवे! सखी री मोहे, पीयू तड़पावे निर्मोही को ,हमरी ,याद न आवे!
छोटी सी प्यारी सी बहना बेबी डॉल मैं भाई उसकी खुशियों का संसार। छोटी सी प्यारी सी बहना बेबी डॉल मैं भाई उसकी खुशियों का संसार।
अहा बारिश किस से पूछूं ? क्या तुमसे पूछूं क्यों ? अहा बारिश किस से पूछूं ? क्या तुमसे पूछूं क्यों ?
हर रोज क्यूँ जलते हो, कैसे किसान हो भाई, ग़म की फ़सल बोते हो ! हर रोज क्यूँ जलते हो, कैसे किसान हो भाई, ग़म की फ़सल बोते हो !
सही अर्थों में रक्षाबंधन तो बंधन है भाई-बहन के अटूट स्नेह का। सही अर्थों में रक्षाबंधन तो बंधन है भाई-बहन के अटूट स्नेह का।
बाट जोह रही मातृत्व का सुख पाने को तेरी देवकी मैया प्यारी। बाट जोह रही मातृत्व का सुख पाने को तेरी देवकी मैया प्यारी।
जब एक भी आदमी नहीं मरेगा आदमी की संवेदनहीनता से ....! जब एक भी आदमी नहीं मरेगा आदमी की संवेदनहीनता से ....!
कोई सुराग मिले तो राह पकड़ लूं उसकी वह हवा का झोंका था मुझे छूकर गुजर गया। कोई सुराग मिले तो राह पकड़ लूं उसकी वह हवा का झोंका था मुझे छूकर गुजर गया।
तू गहरी है ज़ख्मों पर जैसे ज़ख्म, तू सुकून है कभी आस की मै तो बस यह कहूं। तू गहरी है ज़ख्मों पर जैसे ज़ख्म, तू सुकून है कभी आस की मै तो बस यह कहूं।