STORYMIRROR

SONI RAWAT

Abstract Classics Fantasy

4  

SONI RAWAT

Abstract Classics Fantasy

शांत मन की यात्रा

शांत मन की यात्रा

1 min
31


 मन में उठी लहर
 वो भी शांत सी...
लहरों से थी मेरी दोस्ती
 वो भी शांत सी...
दोस्ती बनी मोहब्बत
वो भी शांत सी...
मोहब्बत बनी इबादत
 वो भी शांत सी...
इबादत बनी हकीकत
वो भी शांत सी...
हकीकत बनी अमानत
 वो भी शांत सी...
अमानत बनी मुसिबत
 वो भी शांत सी...
मुसिबत बनी कयामत
 वो भी शांत सी...
कयामत बनी कायनात
 वो भी शांत सी...
 कायनात बनी दीवानियत
 वो भी शांत सी...
दीवानियत बनी इंसानियत
 वो भी शांत सी...
इंसानियत बनी जरूरत
वो भी शांत सी...
जरूरत पड़ी फिर मन की
 वो भी शांत सी...
पर मन तो होता चंचल
फिर उठी लहर मन में
 पर वो ना हुई शांत मुझसे।


 सोनी रावत


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract