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नमस्कार भारत नमस्ते@ संजीव कुमार मुर्मू

Abstract Tragedy Inspirational

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नमस्कार भारत नमस्ते@ संजीव कुमार मुर्मू

Abstract Tragedy Inspirational

सद्गुण आत्म आकर्षित

सद्गुण आत्म आकर्षित

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आनंद सुख खोजे फकीरा

आनंद तलाश फिजूल

हैं आनंद वह खजाना 

बसा मन गलियारे !


संयम त्याग के राह

मिलता आनंद शक्ति

संतोषम परम धर्मम

मूल स्रोत स्वतः मुक्त

नहीं होड़ ना ही दौड़


आनंद सुख खोजे फकीरा

आनंद तलाश फिजूल

हैं आनंद वह खजाना 

बसा मन गलियारे!


आनंद वह प्रसन्नता

ना पछतावा ना भोग 

रस आनंद मिले जहां

ईमानदारी त्याग तप 

सत्य की अपना रास्ते

उज्जवल होय जग

अंधेरा दूर भागे दूर


आनंद सुख खोजे फकीरा

आनंद तलाश फिजूल

हैं आनंद वह खजाना 

बसा मन गलियारे!


रूप रंग सुन्दरता 

भाए नयन नयनतारा

सद्गुण हैं वो गुण

प्रसन्न चित्त आत्म तृप्त


आनंद सुख खोजे फकीरा

आनंद तलाश फिजूल

हैं आनंद वह खजाना 

बसा मन गलियारे!


साहस भीरूता व्याकुलता

विनयशील लालसा ईर्ष्या

चटकोरापन लोभ कामवासना

शुभ उदेग्य जग कार्यशीलता


आनंद सुख खोजे फकीरा

आनंद तलाश फिजूल

हैं आनंद वह खजाना 

बसा मन गलियारे!


सुंदर नारी सौंदर्य प्रतीक

आत्मज्ञान नारी प्यासी

नारी होती नारायणि

सतीयो में है श्रेष्ठ नारी


आनंद सुख खोजे फकीरा

आनंद तलाश फिजूल

हैं आनंद वह खजाना 

बसा मन गलियारे!


सुंदरता टिके आदर्श सहारे

आदर्श मनुष्य व्यवहार कुशल

मानव जाती एक पाठशाला

आदर्श मनुष्य महान उदार

जीवन शैली शुभ नियम


आनंद सुख खोजे फकीरा

आनंद तलाश फिजूल

हैं आनंद वह खजाना 

बसा मन गलियारे!


आदर्श सत्य की हत्या

चरित्र दुर्बलता निशान

महान आदर्श महान कार्य

आते जाते जहां सहायता

सब एक दूसरे काम आवे


आनंद सुख खोजे फकीरा

आनंद तलाश फिजूल

हैं आनंद वह खजाना 

बसा मन गलियारे!


व्यक्ति व्यक्तित्व संस्कार

ज्ञान दृष्टि उदात बनाए

नहीं अभिमान ज्ञान की

ज्ञान रूप रंग भेद भाव

जाती पाती आदि न देखे


आनंद सुख खोजे फकीरा

आनंद तलाश फिजूल

हैं आनंद वह खजाना 

बसा मन गलियारे!


सदाचार उत्पन्न होय प्रसन्नता

परिवार वही जहां अपनापन 

शांति प्रेम संग निवासे

क्रोध क्षुब्धता मन से त्याग

कुशल स्नेह मधुर व्यवहार 

दिलाए धन यश प्रतिष्ठा सुख 


आनंद सुख खोजे फकीरा

आनंद तलाश फिजूल

हैं आनंद वह खजाना 

बसा मन गलियारे!


जग अविश्वासी योग्य

पदचिन्ह अविश्वास दुर्बलता

गुण विकसित एकांत कोने

चरित्र निर्माण सांसारिक

आशा क्षीण नहीं उसकी

उज्जवल भविष्य करे विश्वास


आनंद सुख खोजे फकीरा

आनंद तलाश फिजूल

हैं आनंद वह खजाना 

बसा मन गलियारे !


मन आत्मा नयन तारा

गुण ज्ञान आनंद रस

सत्य बसे मन सुन्दरता

सद्गुण आत्म आकर्षित


आनंद सुख खोजे फकीरा

आनंद तलाश फिजूल

हैं आनंद वह खजाना 

बसा मन गलियारे !


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