STORYMIRROR

Sapna Tripathi

Drama

3  

Sapna Tripathi

Drama

सार

सार

1 min
244

ज़िन्दगी में हम उलझे रहते हैं  

क्या हमने खोया क्या हमने पाया  


क्या हमको भाया क्या हमने कमाया 

जबकि देखना तो ये है  

हमारा नाम किस किस के

चेहरे पर मुस्कान लाया


जो भी कमाया यहीं रह जाना है 

बस स्मृतिओं को साथ जाना है 


तो क्यों ना कमाएं  

आशीष, खुशियां सम्मान और स्मृतियाँ।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Drama