STORYMIRROR

अनामिका वैश्य आईना Anamika Vaish Aina

Tragedy Classics

3  

अनामिका वैश्य आईना Anamika Vaish Aina

Tragedy Classics

साँझ पर सेदोको

साँझ पर सेदोको

1 min
229

साँझ सजाती

प्रिय को घर लाती

ये माहौल बनाती


मन डोलता

दिली बात बोलता

प्रेम रस घोलता।


साँझ सुहानी

करती मनमानी

क्षणिका सजा मन

होती बेगानी


सूर्य छिपाये 

गोदी में ये अपनी 

दे प्रेम की थपनी।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Tragedy