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SURYAKANT MAJALKAR

Romance

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SURYAKANT MAJALKAR

Romance

साजन

साजन

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ये तो फकत एक बहाना है

साजन से मिलने जाना है।

 

झुठी बातें, झुठी कहानी

याद सताये, बेचैन जवानी।

 

कैसे रोकेंगी उस मन को, 

जिसने तेरी एक न मानी।

 

जब मेरा दिल दिया है। 

न एक पल सुकून पाया है। 


ये रोग जिसने लगाया है, 

दर्द की दवा लेने बुलाया है।

 

अब न मुझको रोको को

सच्ची बात मैंने बतलाई।

 

साजन बिन एक पल न सहूँ

मिलकर मीत को प्रीत निभाऊँ।


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