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Sampoorna Raj

Abstract Tragedy Inspirational

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Sampoorna Raj

Abstract Tragedy Inspirational

रो रहा भूमिपुत्र

रो रहा भूमिपुत्र

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रो रहा है

रो रहा है

रो रहा है ऐ किसान

कब तक चुप रहोगे भगवान


कब तक चुप रहोगे भगवान।

अपने रौद्र रूप में आओ भगवान।


रखकर लाज किसानों की

दूर करो तुम शैतानों को

चुप मत बैठो तुम भगवान


रक्षा करो हम किसानों की

नष्ट करके तुम उन पापियों को।


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