STORYMIRROR

Sampoorna Raj

Inspirational

3  

Sampoorna Raj

Inspirational

हौसलों की उड़ान

हौसलों की उड़ान

1 min
567

यह सोचकर क्यों बैठे हो

यह हौसलों की उड़ान सिर्फ परिंदों को होती है।

यह भूल कर क्यों बैठे हो

यह हौसलों की आग तुम्हारे भीतर भी हैं।


यह भूल मत करना

यह आसमान सिर्फ परिंदों का है।

यह आसमान भी तेरा है

यह जमीं भी तेरी है।

बस हौसला हो बुलंद तो

यह सरजमीं भी तेरी है।


दुख की आग में जलना

कष्टों की राह में चलना।

फिर भी अपने भीतर की आग

कभी बुझने न देना।


जीवन की सफलता की सीढ़ी का

एक ही सोपान है।

अपने भीतर का जुनून और ख्वाब को

हौसलों की आग से कभी बुझने न देना।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Inspirational