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Hardik Mahajan Hardik

Romance Tragedy Inspirational

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Hardik Mahajan Hardik

Romance Tragedy Inspirational

रंगों से

रंगों से

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रंगों से मदमस्त मचलती 

धूमधाम रंगों से रंगों में,

हुड़दंग मचाते नाचते गाते,

झूमते सब गलियारों में,

है ये रंग होली से भरा प्यार 

का प्रीत का अमन का,

भाई चारे का गीत का मीत 

के संग बरसते हैं सब रंग,


भरी पिचकारी, भरी थाल, 

अबीर, गुलाल, सिंदूर,

लाल, पीला, हरा, नीला, गुलाबी, 

संग सब रंग

ख़ूब मचाते धूम धड़क्का 

होली के रंग सब संग

खेतों में गाँवों में शहरों में 

खेल रहें तो कई रंग 

पियाजी के संग।


सब रंग रंगों से भरा होली 

का पर्व सारा उड़ा रहें.

बिखर रहें, नाचते, गाते, झूमते, 

गीत सुनाते खेल रहें।

होली का देखो सब शोर होली 

के संग लाता हर रंग,

प्रेम की प्यार की रंगीन दुनिया 

के संग रंग खेल रहें।


आते जाते दुश्मन भी देखो,

होली में मदमस्त हुए।

दोस्त छोड़ो रंग देखो दुश्मन,

भी सब लगा जाते हैं।

दो दिलों को जोड़ता होली का,

 रंग जब चढ़ता हैं।

सारी पुरानी बातों को भूलकर,

ये रंग गाल हुए।


बीचों बीच की दीवारें भी 

रंगीन हो जाती हैं।

आस-पास के सारे रंगों में 

रंगीन हो जाते हैं।

खूब मचती हुड़दंग होली के 

सब रंग बिखरें हैं।

ढोल ताशों की थाप पर 

थिरकते जाते पैर हैं।


रंगों का पर्व रंगीन सा 

सब जगह शोर हैं।

होली आई जब भी तब सब 

कामचोर हो जाते हैं।

रंग लेकर निकलें घर से 

गीले गीले सब लेकर,

निकल पड़ते हैं सबको रंग 

से बचना होता हैं

घर पर देखो अंदर से बन्द 

दरवाज़ा लगा होता हैं।


कैसे लगाएंगे रंग सब घर 

छुप कर बैठ जाते हैं

आवाज़ दो तो सब बहाना 

भी बड़ा बनाते हैं

घर के अंदर देखो सब छुपे 

हुए नज़र आते हैं

क्या रंग लगाओगे रंग तो नहाकर 

आखिर निकल ही जाता हैं

कपड़े गंदे करते सब रंग कपड़ों 

पर लग जाते हैं।।


    



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