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प्रियंका दुबे 'प्रबोधिनी'

Inspirational

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प्रियंका दुबे 'प्रबोधिनी'

Inspirational

रक्षासूत्र

रक्षासूत्र

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ले सकूँ तेरी बलाएँ,

दे तुझे आशीष दूँ मैं,

क्या तुझे चिंता भला है,

हर कदम पर साथ हूँ मैं।


सिर्फ ये धागा नहीं है,

सूत्र रक्षा का वचन है।

सुन ! सदा तेरी दुआएं,

साथ में मेरे बहन है।


आप हो निश्चिन्त जीना,

हूँ यहाँ है त्राण तब तक।

हूँ तुम्हारे  साथ ही मैं

हैं हृदय में प्राण जब तक।


है बहन की आरजू तो,

अब भरोसा ये न टूटे।

ज़िन्दगी में दुख न आये,

साथ खुशियों का न छूटे।


जिन्दगी की शाम में हम,

नेह का दीपक जलाएँ।

आ! नज़र तेरी उतारुँ,

और  तेरी लूँ  बलाएँ।


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