STORYMIRROR

Antariksha Saha

Romance

2  

Antariksha Saha

Romance

रिश्ते के वास्ते

रिश्ते के वास्ते

1 min
247

ये पहाड़ ये वादियाँ

ये तेरे मेरे रास्ते

किसऔर जाना है

किस के वास्ते।


बस चलते रहना है

खुद की तलाश में

ज़िन्दगी किस और जा रही

उसका पता नहीं।


राहगीर है तोह चलते रहना है

बसेरे कई है पर घर नहीं

लोग कई है

पर तेरे जैसा कोई नहीं।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Romance