रहस्यमय धर्मशाला।
रहस्यमय धर्मशाला।
कल ही तो उसका बहुत धूमधाम से विवाह हुआ,
ऑफिस के ज़रूरी कार्य से वो वीरान जगह गया।
वो बेचारा रात को एक धर्मशाला में रूक गया था,
रात को अचानक ही शोर से उसकी नींद खुल गई।
उसने कुछ लोगों को आपस में बातें करते हुए सुना,
जब वह आया था तो सारी धर्मशाला खाली पड़ी थी।
वो आवाजों का पीछा करते पाँचवी मंजिल पर गया,
जब कमरे में देखा तो वहां उसका शरीर पड़ा हुआ।
वो मर चुका था पर कैसे ये तो कोई भी नहीं जानता था,
ये एक रहस्यमय धर्मशाला जो बस रात को नजर आती।
यारों वो रहस्यमय धर्मशाला जो कि खूनी धर्मशाला,
पिशाचों और चुड़ैलों का ठिकाना वो खूनी धर्मशाला।
दिन में तो कभी किसी को नज़र नहीं आती धर्मशाला,
रात होते ही प्रकट हो जाती वो रहस्यमय धर्मशाला।

